SC :याचिकाकर्ताओं को मिलनी चाहिए जस्टिस बेदी कमेटी के रिपोर्ट की कॉपी


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गुजरात सरकार को एक बड़ा झटका लगा है की, सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण, जो कवि और
गीतकार जावेद अख्तर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उनको जस्टिस एचएस बेदी समिति की रिपोर्ट
की एक प्रति देने का फैसला किया है। पत्रकार बीजी वर्गीज और अख्तर ने याचिका दायर कर गुजरात
में 2002 और 2007 के बीच हुए 22 कथित फर्जी मुठभेड़ों की न्यायिक जांच की मांग की थी।

यारा तेरी यारी । स्टारकास्ट इंटरव्यू । निधि झा और अरविन्द कुमार अकेला (कल्लू) राहुल खन्ना के साथ ।

जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा कि एनकाउंटर मामलों पर जस्टिस बेदी
कमेटी की अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार करने या खारिज करने पर फैसला बाद में सुना जाएगा।सुप्रीम कोर्ट के
पूर्व न्यायाधीश एचएस बेदी की अध्यक्षता वाली समिति को 2012 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त किया
गया था, जब राज्य में पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। राज्य में कई शीर्ष पुलिस और राजनेता फर्जी
मुठभेड़ों में अपनी कथित भूमिका के लिए संदेह के घेरे में हैं।

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अल्पसंख्यक समुदाय को बनाया लक्ष्य 

अदालत ने समिति को यह बताने के लिए भी कहा था कि क्या मुठभेड़ों ने एक पैटर्न प्रदर्शित किया है कि अल्पसंख्यक
समुदाय के लोगों को आतंकवादी के रूप में लक्षित किया गया था।राज्य सरकार ने भूषण को एक प्रति देने का विरोध
किया और कहा कि यह आरोपी गवाहों और पीड़ितों के हितों को प्रभावित करेगा। सरकार ने यह भी कहा था कि बेदी
रिपोर्ट देने के लिए अधिकृत नहीं थीं।


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